व्यापारी के घर हुई चोरी का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

रुद्रपुर। तेल मिल व्यापारी के घर हुई चोरी का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना सहित तीन आरोपितों कोे गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से 389 ग्राम स्वर्ण आभूषण, 3.417 किग्रा चांदी, तीन लाख की नकदी और चोरी में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की। बाद में पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेशी के बाद जेल भेज दिया है।
एसएसपी अजय गणपति ने प्रेसवार्ता करते हुए बताया कि 18 अप्रैल को आवास विकास निवासी तेल मिल व्यापारी राजेन्द्र गोयल अपने परिवार के साथ रामनगर विवाह समारोह में गए थे। 19 अप्रैल की रात अज्ञात चोरों ने उनके घर को निशाना बना भारी मात्रा में स्वर्ण आभूषण सहित, चांदी व नकदी चोरी कर ली थी।शिकायत के बाद पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से अरोपितों चिह्नित किया। शनिवार रात सूचना मिली कि तेल मिल व्यापारी के घर चोरी करने वाला गिरोह सरगना दीपक गुप्ता के सितारगंज के केशवनगर क्षेत्र स्थित निर्माणाधीन मकान पर एकत्र हुए हैं।पुलिस टीम ने घेराबंदी कर गिरोह के सरगना दीपक गुप्ता उर्फ जगदीश गुप्ता पुत्र होरीलाल निवासी केशवनगर सितारगंज, अकील अहमद पुत्र मुन्ने निवासी इस्लामनगर खटीमा, दीपक रस्तोगी उर्फ लड्डू पुत्र दीपू रस्तोगी निवासी शाहजहांपुर को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से चोरी किए गए स्वर्ण आभूषण, चांदी व नकदी बरामद कर ली। एसएसपी ने पुलिस और एसओजी टीम को पांच हजार इनाम की घोषणा की है।
पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली किच्छा रवि सैनी, एसओजी प्रभारी उमेश कुमार, जांच अधिकारी एसआई जयप्रकाश, एसआई दीपक जोशी, एसआई पवन जोशी, कांस्टेबल उमेश सिंपकड़े गए अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना दीपक गुप्ता का आपराधिक इतिहास उसके द्वारा किए गए अपराध से भरा पड़ा है। जिससे उसके शातिर अपराधी होने का अंदाजा लगाया जा सकता है।
उसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश की कोतवाली पीलीभीत व ऊधम सिंह नगर के दिनेशपुर में गैंगस्टर सहित ऊधम सिंह नगर के दिनेशपुर, गदरपुर, सितारगंज, खटीमा, नैनीताल जनपद के थाना मुखानी, चंपावत के टनकपुर, उत्तर प्रदेश की कोतवाली पीलीभीत में चोरी, हत्या के प्रयास, साजिश सहित अन्य धाराओं में 18 प्राथमिकी पंजीकृत है। पुलिस पकड़े गए दो अन्य आरोपितों का भी आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।ह, बृजमोहन सिंह, प्रशांत नेगी, कमल चंद्र, यशपाल, भगवत परिहार, पंकज बिनवाल, भूपेंद्र, महिला कांस्टेबल रेखा आर्या शामिल थे।गिरोह के सरगना दीपक गुप्ता ने क्षेत्र की रेकी कर बंद पड़े घर को चिह्नित किया था। उसने लगातार घर की रेकी करने के बाद कोई गतिविधि न देख रात में चोरी की घटना को अंजाम दिया। पुलिस जांच में स्थानीय अन्य कोई कनेक्शन सामने नहीं आया। जिसके चलते पुलिस ने दीपक गुप्ता स्थानीय स्तर पर किसी भी तरह की मिले सहयोग की संभावना को सिरे से नकार दिया।

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